Lyrics




अरे, जब से लगा है रज़ामंद का मुहर
मैं इधर बे-सबर, तू उधर बे-ख़बर
अरे, दिल तेरा शीशा है अतर की तरह
ख़ुशबू के तू कोई शहर की तरह
ए, फिरने लगा हूँ बैरागियों में
बैरागियों में, बैरागियों में
सहरा कभी, कभी वादियों में
कभी हवा, कभी आँधियों में, आँधियों में
परी, अनवरी
उजला बदन तेरा, मरमरी
परी, अनवरी
मुझको लुभाए तेरी दिलबरी
परी, तेरे ये नयन रस भरी
टप-टप टपके नशे के क़तरे
दिल ये होने लगा है मेरा आवारा
परी, अनवरी
उजला बदन तेरा, मरमरी
परी, अनवरी
मुझको लुभाए तेरी दिलबरी
कोयल की कुहू-कुहू, मोरनी की छम-छम
दोनों का तू है रे संगम
चेहरा दर्पण है, बिजली नयन है
उसपे नीली सी चाँदनी तेरा पैरहन है
तू वफ़ाओं का सजर, तेरी छाँव मेरा घर
तू वफ़ाओं का सजर, तेरी छाँव मेरा घर
तेरे साए में मेरी बीत जाए ये उमर
परी, अनवरी
उजला बदन तेरा, मरमरी
परी, अंबरी
मुझको लुभाए तेरी दिलबरी
परी, तेरे ये नयन रस भरी
टप-टप टपके नशे के क़तरे
दिल ये होने लगा है मेरा आवारा
चिट्टी-चिट्टी रंगत है, मीठी-मीठी साँसें
ਸੋਹਣੀ-ਸੋਹਣੀ तेरी बाँहें
ढीला-ढीला कुर्ता, आँचल ये उड़ता
उड़ती है जो तेरी कमर, मेरा रस्ता मुड़ता
तेरी यादों की लड़ी बन जाए रे हथकड़ी
तेरी यादों की लड़ी बन जाए रे हथकड़ी
चाहतों का तू सफ़र, और करे तू रहबरी
परी, अनवरी
उजला बदन तेरा, मरमरी
परी, अंबरी
मुझको लुभाए तेरी दिलबरी
परी, तेरे ये नयन रस भरी
टप-टप टपके नशे के क़तरे
दिल ये होने लगा है मेरा आवारा



Writer(s): A R Rahman, Raqueeb Alam


Attention! Feel free to leave feedback.
Loading
Loading