Lyrics




ये ख़ुदी वो कली, मेरे पास क्यों ना खिली?
सनम, वो लगन, मदहोश तेरा बदन
सितारों की ये रात में आज साथ है, मिलन से भीगे ये हाथ है
आंखों में कैसा ये नूर है, बदन में मस्ती जरूर है
आओ ना, मेरे पास, मेरे दिल में झाँको ज़रा
तू-तू ही तू, मेरी जान, इन सांसों में तेरा नाम
सितारों की ये रात में आज साथ है, बदन में मस्ती...
जल जाएंगे भी तो क्या, तुझे तड़पाएंगे ना सज़ा
ना होंगे तुझसे जुदा, कभी होगी ना अब इंतहा
अनमोल है ये रज़ा, कैसे समझाएं इसको
बता!
मेरे मन में हर मन का जन्म, इन सांसों की
इक अगन्य आशिक़ए चाहते हैं, कल के झूठे समय
सितारों की ये रात में आज साथ है, मिलन से भीगे ये हाथ है
आंखों में कैसा ये नूर है, बदन की मस्ती कबूल है
जल जाएंगे भी तो क्या, तुझे तड़पाएंगे ना सज़ा
ना होंगे तुझसे जुदा, कभी होगी ना अब इंतहार
अनमोल है ये रज़ा, कैसे समझाएं इसको
बता!
जल जाएंगे भी तो क्या, तुझे तड़पाएंगे ना सज़ा
ना होंगे तुझसे जुदा, कभी होगी ना अब इंतहार
अनमोल है ये रज़ा, इंतिहार...
आइए सताइए जाइए न, आइिए चल जाइए रोकिये न, आइिए सताइए जाइए
जल जाएंगे भी तो क्या, तुझे तड़पाएंगे ना सज़ा
ना होंगे तुझसे जुदा, कभी होगी ना अब इंतिहार
अनमोल है ये रज़ा
ये रज़ा...
रोकिये न, इंतिहार...
जाइए न, रोकिये न, जाइए न, इंतिहार...
रोकिये
जाइए सदा





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