Lyrics Janoon Kya Mera Dil - Mohammed Rafi
जाने
मेरा
दिल
किसे
ढूँढ
रहा
है
इन
हरी-भरी
वादियों
में
कभी
न
कभी
तो
टकराएगा
दिल
दिल
से
इन्हीं
आबादियों
में
जाने
मेरा
दिल
...
ये
किसकी
लगन
मंज़िल-मंज़िल
हर
रोज़
मुझे
ले
जाती
है
ये
किसकी
तमन्ना
सीने
में
जो
आस
के
दीप
जलाती
है
-२
ओ
जाने
मेरा
दिल
...
झरनों
में
नहाती
जलपरियाँ
क्यों
जाने
मुझे
ललचाती
हैं
जंगल
की
कँवारी
कलियाँ
भी
हँस-हँस
के
क़यामत
ढाती
हैं
ओ
जाने
मेरा
दिल
...
जब
देखे
बिना
मदहोश
हूँ
मैं
देखूँगा
उसे
तो
क्या
होगा
क्या
नूर
भरी
सूरत
होगी
क्या
प्यार
भरा
जलवा
होगा
-२
ओ
जाने
मेरा
दिल
...
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