Lyrics




तेरे ही ख़्वाबों में मैं खोया सा
यूँ तेरी ख़ुशबू ने क्यूँ रुलाया?
तेरे भी सपनों में मैं राही था
बस ये ख़याल ने मुझे सँभाला
तेरी बातें बिना मेरे दिन, मेरी रातें
बन गईं ख़ामोशियाँ
चली आ, चली आ, चली
तेरी ही यादों में मैं रहता हूँ
फिर बीती बातों में मुझे बुलाया
मेरी ये ज़िंदगी अब आधी है
हाथ जो छोड़ा बिन लिए इजाज़त
तेरी बातें बिना मेरे दिन, मेरी रातें
बन गईं ख़ामोशियाँ
चली आ, चली आ, चली
तेरी साँसें बिना ना ही दिन, ना रातें
बस हैं ख़ामोशियाँ
चली आ, चली आ, चली
हो गईं मुझसे नादानियाँ, है पता
माफ़ कर मेरी गुस्ताख़ियाँ, मेरी जाँ
तेरी बातें बिना मेरे दिन, मेरी रातें
बन गईं ख़ामोशियाँ
चली आ, चली आ, चली
तेरी साँसें बिना ना ही दिन, ना रातें
बस हैं ख़ामोशियाँ
चली आ, चली आ, चली



Writer(s): Ronit Sarkar



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