Текст песни




पल एक पल में ही थम सा गया
तू हाथ में हाथ जो दे गया
चलूँ मैं, जहाँ जाए तू
दाएँ मैं तेरे, बाएँ तू
हूँ रुत मैं, हवाएँ तू, साथिया
हँसूँ मैं जब गाए तू
रोऊँ मैं, मुरझाए तू
भीगूँ मैं, बरसाए तू, साथिया
साया मेरा है तेरी शकल
हाल है ऐसा कुछ आजकल
सुबह मैं हूँ, तू धूप है
मैं आईना हूँ, तू रूप है
ये तेरा साथ ख़ूब है, हमसफ़र
तू इश्क़ के सारे रंग दे गया
फिर खींच के अपने संग ले गया
कहीं पे खो जाएँ, चल
जहाँ ये रुक जाएँ पल
कभी ना फिर आए कल, साथिया
एक माँगे अगर, १०० ख़्वाब दूँ
तू रहे ख़ुश, मैं आबाद हूँ
तू सब से जुदा-जुदा सा है
तू अपनी तरह-तरह सा है
मुझे लगता नहीं है तू दूसरा
पल एक पल में ही थम सा गया
तू हाथ में हाथ जो दे गया
चलूँ मैं, जहाँ जाए तू
दाएँ मैं तेरे, बाएँ तू
हूँ रुत मैं, हवाएँ तू, साथिया
हँसूँ मैं जब गाए तू
रोऊँ मैं, मुरझाए तू
भीगूँ मैं, बरसाए तू, साथिया



Авторы: Kunaal Vermaa, Javd Khan, Mohsin Shaikh, Prashant Ingole


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