Текст песни Hanuman Chalisa - Fusion - Bickram Ghosh
श्रीगुरु
चरन
सरोज
रज
निज
मनु
मुकुरु
सुधरी
बरनउँ
रघुबर
बिमल
जसु
जो
दायकु
फल
चारी
बुद्धिहीन
तनु
जानिके
सुमिरौं
पवन-कुमार
बल
बुद्धि
बिद्या
देहु
मोहिं
हरहु
कलेस
बिकार
धार
धार
त्रिगर्ध
नार
कृत
धार
धार
त्रिगर्ध
नार
धधक
धजित
खिन्न
तकट
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
धार
जय
हनुमान
ज्ञान
गुन
सागर
जय
कपीस
तिहुं
लोक
उजागर
रामदूत
अतुलित
बल
धामा
अंजनि-पुत्र
पवनसुत
नामा
धार
धार
त्रिगर्ध
नार
कृत
धार
धार
त्रिगर्ध
नार
महाबीर
बिक्रम
बजरंगी
कुमति
निवार
सुमति
के
संगी
कंचन
बरन
बिराज
सुबेसा
कानन
कुंडल
कुंचित
केसा
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
धटी
तीर
अंगन
तकट
धटी
तीर
अंगन
तकट
धटी
तीर
अंगन
तकट
धटी
तीर
अंगन
तकट
धधक
धजित
खिन्न
तकट
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
धार
हाथ
बज्र
औ
ध्वजा
बिराजे
काँधे
मूँज
जनेउ
साजे
शंकर
सुवन
केसरी
नंदन
तेज
प्रताप
महा
जग
बन्दन
विद्यावान
गुनी
अति
चातुर
राम
काज
करिबे
को
आतुर
प्रभु
चरित्र
सुनिबे
को
रसिया
राम
लखन
सीता
मन
बसिया
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
सूक्ष्म
रूप
धरि
सियहिं
दिखावा
बिकट
रूप
धरि
लंक
जरावा
भीम
रूप
धरि
असुर
संहारे
रामचंद्र
के
काज
संवारे
आय
सजीवन
लखन
जी
आये
श्रीरघुबीर
हरषि
उर
लाये
रघुपति
कीन्ही
बहुत
बड़ाई
तुम
मम
प्रिय
भरतहि
सम
भाई
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
सहस
बदन
तुम्हरो
जस
कावै
अस
कहि
श्रीपति
कंठ
लगावै
संकादिक
ब्रह्मादि
मुनीसा
नारद
सारद
सहित
अहीसा
यम
कुबेर
दिगपाल
जहाँ
ते
कवि
गोभिद
कहि
सके
कहाँ
ते
तुम
उपकार
सुग्रीवहिं
कीन्हा
राम
मिलाय
राज
पद
दीन्हा
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
तुम्हरो
मंत्र
बिभीषन
माना
लंकेश्वर
भये
सब
जग
जाना
युग
सहस्र
जोजन
पर
भानू
लील्यो
ताहि
मधुर
फल
जानू
प्रभु
मुद्रिका
मेलि
मुख
माहीं
जलधि
लागि
गये
अचरज
नाहीं
दुर्गम
काज
जगत
के
जेते
सुगम
अनुग्रह
तुम्हरे
तेते
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
राम
दुआरे
तुमरो
कवारे
होत
न
आज्ञा
बिनु
पैसारे
सब
सुख
लहै
तुम्हरे
सरणा
तुम
रक्षक
काहू
को
डर
ना
आपन
तेज
सम्हारो
आपे
दीन्हों
लोक
हांक
तें
कांपे
भूत
पिसाच
निकट
नहिं
आवे
महाबीर
जब
नाम
सुनावे
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
हनुमान
जय
जय
जय
जय
जय
हनुमाननासै
रोग
हरे
सब
पीरा
जपत
निरंतर
हनुमत
बीरा
संकट
ते
हनुमान
छुड़ावै
मन
क्रम
वचन
ध्यान
जो
लावै
सब
पर
राम
तपस्वी
राजा
तीनेक
काज
सकल
तुम
साजा
और
मनोरथ
जो
कोई
लावे
तोइ
अमित
जीवन
फल
पावे
चारो
जुग
परताप
तुम्हारा
है
परसिद्ध
जगत
उजियारा
साधु
संत
के
तुम
रखवारे
असुर
निकंदन
राम
दुलारे
अष्ट
सिद्धि
नौ
निधि
के
दाता
अस
बर
दीन
जानकी
माता
राम
रसायन
तुम्हरे
पासा
सदा
रहो
रघुपति
के
दासा
तुम्हरे
भजन
राम
को
पावे
जनम
जनम
के
दुख
बिसरावे
अन्तकाल
रघुबर
पुर
जाई
जहां
जन्म
हरिभक्त
कहाई
और
देवता
चित्त
न
धरई
हनुमत
सेइ
सर्व
सुख
करई
संकट
कटै
मिटै
सब
पीरा
जो
सुमिरै
हनुमत
बलबीरा
जय
जय
जय
हनुमान,
जय
जय
जय
हनुमान
जय
जय
जय
हनुमान,
जय
जय
जय
हनुमान
जय
जय
जय
हनुमान
गोसाईं
कृपा
करहु
गुरुदेव
की
नाईं
जो
सत
बार
बाट
कर
कोई
छूटहिं
बंदि
महा
सुख
होई
जो
यह
पढ़ै
हनुमान
चालीसा
होए
सिद्धि
साथी
गौरीसा
तुलसीदास
सदा
हरि
चेरा
कीजै
नाथ
हृदय
मंह
डेरा
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