Jaspinder Narula - Ek Onkar текст песни

Текст песни Ek Onkar - Jaspinder Narula




इक ओंकार सतनाम
करता पुरख
निर्मोह निर्वैर
अकाल मूरत
अजूनी सभम
गुरु परसाद जप
आड़ सच जुगाड़ सच
है भी सच नानक होसे भी सच
सोचे सोच हो वे
जो सोची लाख वार
छुपे छुप होवै
जे लाइ हर लख्तार
उखिया पुख उतरी
जे बनना पूरिया पार
सहास्यांपा लाख वह है
ता एक चले नाल
के वे सच यारा होइ
के वे कूड़े टूटते पाल
हुकुम रजाई चलना नानक लिखिए नाल



Авторы: MANGESH SAWANT


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