Текст песни
ओम
शिवा
ओम
शिवा
ओम
भुर
भुवः
स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
।
भर्गो
देवस्य
धीमहि
धियो
यो
नः
प्रचोदयात्
॥
ओम
शिवा
ओम
शिवा
पत्ती
हरी
हरी
जड़ी
बूटी
तेरी
तांडव
नाच
कराए
भोले
नाथ
तेरे
बने
पुजारी
हम
लूप
में
फंस
जाएं।
पत्ती
हरी
हरी
जड़ी
बूटी
तेरी
तांडव
नाच
कराए
भोले
नाथ
तेरे
बने
पुजारी
हम
लूप
में
फंस
जाएं
भोले
नाथ
तेरे
बने
पुजारी
हम
लूप
में
फंस
जाएं
ओम
शिवा
ओम
शिवा
बाबा
जी
आ
जाओ
खुद
को
संभाल
तेरी
धीमी
क्यों
चलन
है
तुझ
को
संभालने
वाले
खुद
में
मगन
हैं।
लग
रहे
हैं
मुझको
सारे
सारे
खोए
खोए
से
भांग
है
क्या
ताज़ा
सीधा
बाबा
की
रसोई
से।
हर
एक
घूंट
पिऊं
भोले
की
शरण
में
पूरी
रात
गाऊंगा
शिव
के
भजन
में।
आज
मैंने
पी
लिया
सतह
से
भी
ऊपर
झूम
झूम
कर
रहा
दिमाग
मेरा
घूमर।
महाकाल
खुद
ही
काल,
सीधी
करदे
टेढ़ी
चाल
वो
विशाल
वो
मिसाल
वो
स्वर्ग
वो
पाताल।
जहर
है
वो
है
भांग
वो
जनम
है
तो
विनाश
वो
है।
कृपा
है
तो
काल
सर्प
दोष
भी
शिवा
तू
है
कृपा
है
तो
काल
सर्प
दोष
भी
शिवा
तू
है
ओम
शिवा
ओम
शिवा
पत्ती
हरी
हरी
जड़ी
बूटी
तेरी
तांडव
नाच
कराए
पत्ती
हरी
हरी
जड़ी
बूटी
तेरी
तांडव
नाच
कराए
भोले
नाथ
तेरे
बने
पुजारी
हम
लूप
में
फंस
जाएं
भोले
नाथ
तेरे
बने
पुजारी
हम
लूप
में
फंस
जाएं
ओम
शिवा
ओम
शिवा
आजा
आजा
आजा
आजा
होगा
कल्याण
तेरा
आजा
आजा
आजा
आजा
होगा
बेढा
पार
तेरा
आजा
आजा
आजा
आजा
होगा
कल्याण
तेरा
आजा
आजा
आजा
आजा
होगा
बेढा
पार
तेरा
ओम
शिवा
ओम
शिवा
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