Текст песни




आप आईना मेरी
आप जानेमन मेरी
आपसे किया है इश्क
आप ही ज़िंदगी
कितने ख़ाब से सजी
मुस्कुराहटें तेरी
आप हो नशा वही
मेरे सर पे जो चढ़ी
आप आईना मेरी
आप जानेमन मेरी
आपसे किया है इश्क
आप ही ज़िंदगी
कितने ख़ाब से सजी
मुस्कुराहटें तेरी
आप हो नशा वही
मेरे सर पे जो चढ़ी
तुम हो सूरज मुखी
तुम इबादत भरी
तुमसे जाना मेरी जान
प्यार में है सादगी
और जो बात करते हम
तो बजे है साज़ भी
अब जो साथ रहते हम
तो है कम ये रात भी
कमियाँ खूब थी भरी
खोजा आपने सभी
अब ये चाँद मुस्कुराए
इनमें राज़ हैं कई
तेरी उँगलियों के बीच
मेरी उँगलियाँ फँसी
आओ बैठो मेरी जान
तुम हो शायरी मेरी
इंतहान से भरी है पूरी ज़िंदगी
आपने मिटायी मेरी सारी तिशनगी
आपके बिना ज़िंदगी आज़ुर्दगी
और जो आप हो तो मुझमें ना है कोई दगदगी
ख़ामोश हो गई हैं मेरी आदतें बुरी
आप आने पर है समझा मुझको चाहिए यही
आप आईना मेरी
आप जानेमन मेरी
आपसे किया है इश्क
आप ही ज़िंदगी
कितने ख़ाब से सजी
मुस्कुराहटें तेरी
आप हो नशा वही
मेरे सर पे जो चढ़ी
आप आईना मेरी
आप जानेमन मेरी
आपसे किया है इश्क
आप ही ज़िंदगी
कितने ख़ाब से सजी
मुस्कुराहटें तेरी
आप हो नशा वही
मेरे सर पे जो चढ़ी



Авторы: Subhesh Mishra



Внимание! Не стесняйтесь оставлять отзывы.
Загрузка
Загрузка