Lyrics




और आहिस्ता कीजिए बातें
धड़कनें कोई सुन रहा होगा
और आहिस्ता कीजिए बातें
धड़कनें कोई सुन रहा होगा
लफ़्ज़ गिरने ना पाए होंठों से
वक़्त के हाथ इनको चुन लेंगे
कान रखते हैं ये दर-ओ-दीवार
राज़ की सारी बात सुन लेंगे
और आहिस्ता कीजिए बातें
ऐसे बोलो के दिल का अफ़साना
दिल सुने और निगाह दोहराए
ऐसे बोलो के दिल का अफ़साना
दिल सुने और निगाह दोहराए
अपने चारों तरफ़ की ये दुनिया
साँस का शोर भी ना सुन पाए, ना सुन पाए
और आहिस्ता कीजिए बातें
धड़कनें कोई सुन रहा होगा
लफ़्ज़ गिरने ना पाए होंठों से
वक़्त के हाथ इनको चुन लेंगे
कान रखते हैं ये दर-ओ-दीवार
राज़ की सारी बात सुन लेंगे
और आहिस्ता कीजिए बातें
आइए, बंद कर लें दरवाज़े
रात सपने चुरा ना ले जाए
आइए, बंद कर लें दरवाज़े
रात सपने चुरा ना ले जाए
कोई झोंका हवा का आवारा
दिल की बातों को उड़ा ना ले जाए, ना ले जाए
और आहिस्ता कीजिए बातें
धड़कनें कोई सुन रहा होगा
लफ़्ज़ गिरने ना पाए होंठों से
वक़्त के हाथ इनको चुन लेंगे
कान रखते हैं ये दर-ओ-दीवार
राज़ की सारी बात सुन लेंगे
और आहिस्ता कीजिए बातें
आज इतने क़रीब जाओ
दूरियों का कहीं निशाँ ना रहे
आज इतने क़रीब जाओ
दूरियों का कहीं निशाँ ना रहे
ऐसे एक-दूसरे में गुम हो जाएँ
फ़ासला कोई दरमियाँ ना रह जाए, ना रह जाए
और आहिस्ता कीजिए बातें
धड़कनें कोई सुन रहा होगा
लफ़्ज़ गिरने ना पाए होंठों से
वक़्त के हाथ इनको चुन लेंगे
कान रखते हैं ये दर-ओ-दीवार
राज़ की सारी बात सुन लेंगे
और आहिस्ता कीजिए बातें



Writer(s): Gorakhpuri Zafar, Udhas Pankaj



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