Asees Kaur & Sachin-Jigar - Sapna (From "Parmanu") текст песни

Текст песни Sapna (From "Parmanu") - Asees Kaur & Sachin-Jigar




आँखें अभी खुली नहीं, क्यूँ सवेरा हो गया?
आँखें अभी खुली नहीं, क्यूँ सवेरा हो गया?
अभी शुरू हुआ नहीं, क्यूँ ख़तम ये हो गया?
सपना जो था मेरा, खो ही गया
हो, सपना जो था मेरा, खो ही गया
उस ख़ाब में सोगातें थी, कुछ प्यारी सी सौगातें
हो, भूल ना पाऊँगी जिनको ऐसी थी कुछ यादें
लाखों कोशिशें की मैंने, लाखों कोशिशें की
पर ख़ाब जो था मेरा, खो ही गया
सपना जो था मेरा, खो ही गया
सपना जो था मेरा, खो ही गया



Авторы: Sachin Jigar, Sachin Sanghvi


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