Mohammed Rafi - Tu Ganga Ki Mauj текст песни

Текст песни Tu Ganga Ki Mauj - Mohammed Rafi




तू गंगा की मौज, मैं जमुना का धारा
हो रहेगा मिलन ये हमारा तुम्हारा
अगर तू है सागर तो मझधार मैं हूँ
तेरे दिल की कश्ती का पतवार मैं हूँ
चलेगी अकेले ना तुम से ये नैया
मिलेगी ना मंज़िल तुम्हे बिन खेवैया
चले आओ जी, चले आओ जी
चले आओ मौजों का लेकर सहारा
भला कैसे टूटेंगे बंधन ये दिल के
बिछड़ती नहीं मौज से मौज मिल के
छूपोगे भंवर में तो छूपने ना देंगे
डूबो देंगे नैया, तुम्हे ढूँढ लेंगे
बनायेंगे हम, बनायेंगे हम
बनायेंगे तूफाँ को एक दिन किनारा



Авторы: M. Morgan, N. Morgan, Una Morgan, Otiyah Morgan, Miriam Morgan, Noshayah Morgan, Peter Morgan, Roy Morgan


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