Текст песни




ख़्वाबों में थे आँसू छुपे, पता ही ना था हमें
राहों में थे काँटे बिछे, पता ही ना था हमें
कुछ भी हमें हासिल नहीं, है रह गई मंज़िल कहीं
हैराँ है दिल, किस बात की ये है सज़ा?
रोने लगी है अब दुआ, खुद से हुई मैं बेपता
रब मेरे, मुझ को ज़रा तू ये बता
क्यूँ हुआ, ख़फ़ा ये वक्त क्यूँ हुआ?
इश्क़ से दिल जुदा क्यूँ हुआ?
इस ग़म की वजह किसको पूछे यहाँ?
क्यूँ हुआ, क्यूँ हुआ रब भी बेज़ुबाँ?
साया भी ये रोए तनहा हम को देखकर
ज़िंदगी खाली हो गई, खोया ऐसे हमसफ़र
क्यूँ हुआ, ख़फ़ा ये वक्त क्यूँ हुआ?
इश्क़ से दिल जुदा क्यूँ हुआ?
इस ग़म की वजह किसको पूछे यहाँ?
क्यूँ हुआ, क्यूँ हुआ रब भी बेज़ुबाँ?



Авторы: Kumar, Arjuna Harjai



Внимание! Не стесняйтесь оставлять отзывы.
Загрузка
Загрузка