Sangeeta Datta - Anant текст песни

Текст песни Anant - Sangeeta Datta




আমারে তুমি অশেষ করেছ, এমনি লীলা তব
ফুরায়ে ফেলে আবার ভরেছ জীবন নব নব
तुमनें मुझे अनंत किया है, ये हैं जादू तुम्हारा
तुमनें मुझे अनंत किया है, ये हैं जादू तुम्हारा
जब एक बिता तुमने दिया है, नया जीवन दुबारा
तुमनें मुझे अनंत किया है, ये हैं जादू तुम्हारा
कितने पर्वत, कितने नदी किनारे
बंसी के नहरों से गूँजे हैं, तुम्हारे
कितने पर्वत, कितने नदी किनारे (नदी किनारे)
बंसी के नहरों से गूँजे हैं, तुम्हारे (तुम्हारे)
जो गीत गाये तुमने भीने-भीने, किसे कहूँ भीग सारा?
तुमनें मुझे अनंत किया है, ये हैं जादू तुम्हारा
तुम जो यूँही छू लो मुझे
अमृत में ले मुझको जैसे
सुख की कोई सीमा ना रहे, मन गीत गाता जैसे
इस दिल की हाथो मैं तुमने दिया हैं (दिया हैं)
जिस पल भी जो मैंने अरमा किया हैं (हैं)
युग-युग बिता हैं यूँही, ज़िंदगी ने, नाता रहे हमारा
तुमनें मुझे अनंत किया है, ये हैं जादू तुम्हारा (तुम्हारा)
तुमनें मुझे अनंत किया है...



Авторы: Soumik Datta, Javed Akhtar



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