Текст песни




माटी से अब धूल उठी है
बन के बवंडर गूँज उठी है
आँधी उड़ी है
सीने में मेरे आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
तूफ़ानों से मेरे रिश्ते कई हैं
सैलाबों से गुज़रे अरमाँ वही हैं
चिंगारी में एक आग कहीं है
सैलाबों से गुज़रे अरमाँ वही हैं
दिल सिकंदर, ज़िद से भरा
शोलों सी हैं अखियाँ
दिल सिकंदर, ज़िद से भरा
पूरा समुंदर लहू कर दिया
आँधी उड़ी है
सीने में मेरे आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
सीने में मेरे आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
आँधी उड़ी है
तूफ़ानों से मेरे रिश्ते कई हैं
सैलाबों से गुज़रे अरमाँ वही हैं (आँधी उड़ी है)
चिंगारी में एक आग कहीं है
सैलाबों से गुज़रे अरमाँ वही हैं
दिल सिकंदर, ज़िद से भरा
शोलों सी हैं अखियाँ
दिल सिकंदर, ज़िद से भरा
पूरा समुंदर लहू कर दिया



Авторы: Kumaar, Shashwat Sachdev


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