Lyrics




हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
तन मेरा चश्मा होवे
तन मेरा चश्मा होवे
ते मैं मुरशद देख रजां हू...
नूं नूं दे मुड लख लख चश्मा
ते मैं इक खोलां इक कज्जां हू...
इन्यां ढिठयां मैं नू सबर आवे
ते मैं होर किते वल भजां हू...
मुरशद दा दीदार बाहू
मैं नू लख करोड़ां हज्जां हू
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
अलिफ अल्लाह चम्बे दी बूटी
मुरशद मन मेरे विच लाई हू
नबी असबात दा पानी मिलेसु
हर रगे हर जाई हू...
अन्दर बूटी मुश्क मचाया
मेरी जान फुलन दे आई हू...
जीवे मुरशद कामिल बाहू
जीवे मुरशद सोहना बाहू
जिस ये बूटी लाई हू
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु
हक़ बाहु, दम दम बाहु





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