Jubin - Meherbani Lyrics

Lyrics Meherbani - Jubin




है साज़ तू, तेरा तर्ज़ मैं
तू है दवा और मर्ज़ मै
दिलदार तू ख़ुदग़र्ज़ मैं
है गीत तू, तेरे लफ्ज़ मै
तू है दुआ और फ़र्ज़ मैं
आज़ाद तू और क़र्ज़ मैं
है शाम तू, तारीफ़ मै
तू चैन है, तक़लीफ़ मैं
तुझसे मिला तो पा लिया हर चीज़ मैं
है ख्वाब तू, ताबीर मैं
माना तुझे तक़दीर मैं
तेरा हुआ इस भीड़ में
इस भीड़ में
है तेरी मेहेरबानी
के अंधेरो से हम मुक़र गये
है तेरी मेहेरबानी
के बिन जाने ही यूँ सवर गये
है साज़ तू, तेरा तर्ज़ मैं
तू है दवा और मर्ज़ मैं
दिलदार तू ख़ुदग़र्ज़ मैं
है गीत तू, तेरे लफ्ज़ मैं
तू है दुआ और फ़र्ज़ मैं
आज़ाद तू और क़र्ज़ मैं
है शाम तू, तारीफ़ मै
तू चैन है, तक़लीफ़ मै
तुझसे मिला तो पा लिया हर चीज़ मैं
है ख्वाब तू, ताबीर मैं
माना तुझे तक़दीर मैं
तेरा हुआ इस भीड़ में
इस भीड़ में
है तेरी मेहेरबानी
के अंधेरो से हम मुक़र गये
है तेरी मेहेरबानी
के बिन जाने ही यूँ सवर गये
है तू ही तो अहद-ए-वफ़ा
तू बारिश मेरी, सवेरा मेरा
मैं तेरा हम रास्ता
है कश्ती तेरी किनारा मेरा
है तू ही तो अहद-ए-वफ़ा
तू बारिश मेरी, सवेरा मेरा
मैं तेरा हम रास्ता
है कश्ती तेरी किनारा मेरा
है तेरी मेहेरबानी
के अंधेरो से हम मुक़र गये
है तेरी मेहेरबानी
के बिन जाने ही यू सवर गये
है तेरी मेहेरबानी
के अंधेरो से हम मुक़र गये
है तेरी मेहेरबानी
के बिन जाने ही यूँ सवर गये



Writer(s): Arkapravo Mukherjee



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