Текст песни Muskurahat - Mitraz
तुझे
याद
करें
तो
होंठों
पे
ये
मुस्कुराहट
आया
करे
तू
छुपा
ले
मुझे
कि
ये
जहाँ
भी
ज़रा
ना
भाया
करे
साँझ
ते
सवेरों
में,
डूबे
अँधेरों
में
कैसे
बिना
तेरे
हम
शामें
गुज़ारें?
साँझ
ते
सवेरों
में,
खोए
अँधेरों
में
कैसे
बिना
तेरे
हम
शामें
गुज़ारें?
तुझे
याद
करें
तो
होंठों
पे
ये
मुस्कुराहट
आया
करे
तू
छुपा
ले
मुझे
कि
ये
जहाँ
भी
ज़रा
ना
भाया
करे
ख़्वाहिश
है
मेरी,
नसीबों
में
तू
ही
तू
हो
फ़िर
इस
मोहब्बत
में
ये
फ़ासले
भी
क्यूँ
हो?
दूर
होके
भी
क्यूँ
हम
पास
तेरे
ही
आवे
तू
सुलझा
दे
पहेली,
पिया
वे
साँझ
ते
सवेरों
में,
खोए
अँधेरों
में
कैसे
बिना
तेरे
हम
शामें
गुज़ारें?
साँझ
ते
सवेरों
में,
डूबे
अँधेरों
में
कैसे
बिना
तेरे
हम
शामें
गुज़ारें?
तुझे
याद
करें
तो
होंठों
पे
ये
मुस्कुराहट
आया
करे
तू
छुपा
ले
मुझे
कि
ये
जहाँ
भी
ज़रा
ना
भाया
करे
मैंने
कहानियाँ
भी
सुनी
है
प्यार
की
छिपावे
तो
भी
ये
छिपता
नहीं
फ़िर
इन
आँखों
में
तेरे
ही
मैं
देख
लूँ
मेरे
सवालों
का
उनमें
है
जवाब
ही
साँझ
ते
सवेरों
में,
डूबे
अँधेरों
में
कैसे
बिना
तेरे
हम
शामें
गुज़ारें?
साँझ
ते
सवेरों
में,
खोए
अँधेरों
में
कैसे
बिना
तेरे
हम
शामें
गुज़ारें?
तुझे
याद
करें
तो
होंठों
पे
ये
मुस्कुराहट
आया
करे
तू
छुपा
ले
मुझे
कि
ये
जहाँ
भी
ज़रा
ना
भाया
करे

Внимание! Не стесняйтесь оставлять отзывы.